स्वीडन में अपराध दर बढ़ने के बावजूद अपराधियों के लिए कानूनी खामियां बरकरार हैं। 21 वर्षीय दिया नामक एक युवती इन खामियों की शिकार बनी है। सरकार ने अपराध रोकने का वादा किया था, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया, जिससे दिया और अन्य नागरिक निराश हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा कानून अपराधियों को आसानी से छूट दिला रहे हैं। इस मामले ने स्वीडन में कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सरकार पर अब अपनी नीतियों पर पुनर्विचार करने का दबाव बढ़ रहा है ताकि नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। दिया की आपबीती से यह स्पष्ट है कि वादे के बावजूद जमीनी स्तर पर कोई बदलाव नहीं आया है।