आठ मई को रूस की राजधानी मॉस्को भेजे गए चार भारतीय युवकों के साथ धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। युवकों को अच्छी नौकरी का वादा किया गया था, लेकिन वहां पहुंचने के बाद उनके पासपोर्ट, वीजा और मोबाइल फोन छीन लिए गए हैं। आशंका जताई जा रही है कि उन्हें नौकरी के नाम पर तस्करी के तहत रूस ले जाया गया है और संभवतः युद्ध क्षेत्र में भेजा जा सकता है। पीड़ित युवक पश्चिम बंगाल के পাটগ্রাম (পাটগ্রাম) क्षेत्र के रहने वाले हैं। इस मामले को लेकर परिजनों में भारी चिंता है और उन्होंने सरकार से मदद की गुहार लगाई है। भारतीय अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है और युवकों को सुरक्षित वापस लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। यह घटना मानव तस्करी के बढ़ते खतरे और विदेशों में नौकरी के नाम पर युवाओं के साथ हो रही धोखाधड़ी को उजागर करती है।