फरवरी 2025 में, एम्ब्ला न्यर्वे को मोनोन्यूक्लिओसिस (मोनो) हुआ, जिसे आमतौर पर 'किसिंग रोग' के नाम से जाना जाता है। बीमारी के बाद, वह कुछ भी करने में असमर्थ महसूस करने लगी। इस अनुभव ने उसके जीवन और कला पर गहरा प्रभाव डाला। वह अपनी शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य चुनौतियों से जूझ रही है। एम्ब्ला की कहानी बीमारी से उबरने के बाद जीवन में आने वाली कठिनाइयों को दर्शाती है। वह धीरे-धीरे अपनी रचनात्मक गतिविधियों में वापस लौट रही है, लेकिन यह प्रक्रिया आसान नहीं है। उसकी यह यात्रा, शारीरिक और भावनात्मक रूप से उबरने की एक प्रेरणादायक कहानी है।
