येन डॉलर के मुकाबले 160 रुपये प्रति डॉलर से नीचे गिर गया है, जिससे पहले किए गए हस्तक्षेपों का प्रभाव कम हो गया है। बाजार में अब व्यापारी येन के स्तरों पर बारीकी से नजर रख रहे हैं, यह देखने के लिए कि अधिकारी मुद्रा की रक्षा के लिए कब कदम उठा सकते हैं। येन की कमजोरी से आयात महंगा हो सकता है और जापानी अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। सरकार मुद्रा को स्थिर करने के लिए हस्तक्षेप कर सकती है, लेकिन इसकी प्रभावशीलता अनिश्चित है। विशेषज्ञों का मानना है कि येन की कमजोरी कई कारकों के कारण है, जिसमें अमेरिकी ब्याज दरें और जापान की मौद्रिक नीति शामिल हैं। बाजार की प्रतिक्रिया पर सभी की निगाहें टिकी हैं और आगे क्या होता है यह देखना महत्वपूर्ण होगा।