नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, 9 जून को समाप्त हुए सप्ताह में, लीवरेज्ड फंड्स ने येन के खिलाफ अपनी बेयरिश पोजीशन को 115,000 से अधिक अनुबंधों तक बढ़ा दिया है। यह नवंबर 2017 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है। इस वृद्धि का कारण 'कैरी ट्रेड' में पुनरुत्थान को माना जा रहा है, जिसमें निवेशक कम ब्याज दरों वाली मुद्रा उधार लेकर उच्च ब्याज दरों वाली मुद्रा में निवेश करते हैं। येन की कमजोर स्थिति इस ट्रेड को और आकर्षक बना रही है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि येन पर यह दबाव निकट भविष्य में भी जारी रह सकता है। निवेशकों का येन के मूल्य में गिरावट की आशंका बढ़ रही है, जिसके चलते वे इस तरह की सट्टेबाजी कर रहे हैं। इस प्रवृत्ति का जापानी अर्थव्यवस्था पर क्या प्रभाव पड़ेगा, इस पर भी विशेषज्ञों की नजर है।