जापानी येन का मूल्य 23 महीनों में सबसे निचले स्तर पर पहुँच गया है, जबकि निккей 225 सूचकांक ने पहली बार 71,000 का आंकड़ा पार कर लिया है। निवेशकों का मानना है कि येन का यह मूल्य गिरावट सरकार द्वारा हस्तक्षेप के लिए एक सीमा रेखा को पार कर गई है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, येन की कमजोरी निर्यातकों के लिए फायदेमंद हो सकती है, लेकिन आयातित वस्तुओं की लागत बढ़ा सकती है। इस गिरावट के कारण जापानी अर्थव्यवस्था पर मिश्रित प्रभाव पड़ने की संभावना है। सरकार द्वारा विदेशी मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप करने की संभावना बढ़ गई है, ताकि येन के मूल्य में और गिरावट को रोका जा सके। निккей 225 में यह उछाल वैश्विक आर्थिक रुझानों और मजबूत कॉर्पोरेट आय के कारण आया है।
