येन का मूल्य फिर से डॉलर के मुकाबले 160 के करीब पहुँच गया है, जिससे अमेरिका और जापान दोनों देशों पर आर्थिक दबाव बढ़ गया है। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने जापान को समर्थन देने के लिए हर संभव प्रयास करने का वादा किया था, लेकिन येन के लगातार गिरावट उनकी क्षमता पर सवाल खड़े कर रही है। येन के इस नए पतन से जापानी अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। अमेरिका को अब जापान के मुद्रा का समर्थन करने के लिए रणनीति बनानी होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि येन की कमजोरी से अमेरिका में भी महंगाई बढ़ सकती है। इस स्थिति से दोनों देशों के बीच आर्थिक तनाव बढ़ने की आशंका है। यह घटना वैश्विक वित्तीय बाजारों के लिए भी चिंता का विषय है।