अमेरिका और जापान के अधिकारियों ने निवेशकों को चेतावनी दी है कि वे यदि आवश्यक हुआ तो येन की रक्षा करना जारी रखेंगे। हाल ही में येन के मूल्य में वृद्धि देखी गई थी, लेकिन अब यह अपनी आधी बढ़त खो चुका है। यह गिरावट अमेरिका और जापान के हस्तक्षेप के बाद आई है, जिसका उद्देश्य येन को स्थिर करना था। अधिकारी येन की स्थिरता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं और आगे भी बाजार में हस्तक्षेप करने को तैयार हैं। इस कदम से वैश्विक मुद्रा बाजारों पर असर पड़ सकता है। येन की कमजोरी का आयात और निर्यात पर भी प्रभाव पड़ेगा। निवेशकों को बाजार की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने की सलाह दी जाती है।