यमन के हौथी विद्रोहियों ने सऊदी अरब के खिलाफ तत्काल प्रभाव से समुद्री नाकेबंदी की घोषणा की है। हौथी सैन्य प्रवक्ता के अनुसार, यह कदम ‘आँख के बदले आँख’ के सिद्धांत पर आधारित है और इसे “अपराधी सऊदी दुश्मन” के खिलाफ लिया गया है। यह घोषणा यमन में चल रहे संघर्ष के बीच आई है, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका है। हौथियों ने इस नाकेबंदी को सऊदी अरब पर दबाव बनाने और अपनी मांगों को पूरा करवाने के एक प्रयास के रूप में वर्णित किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस नाकेबंदी से लाल सागर में व्यापार और जहाजरानी पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। इस कदम से मानवीय संकट और गहरा होने की भी आशंका है, क्योंकि यमन पहले से ही खाद्य और चिकित्सा आपूर्ति की कमी से जूझ रहा है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इस नाकेबंदी की निंदा की है और हौथियों से इसे वापस लेने का आग्रह किया है।