यमन में एक चरम पर्वतारोही, जिन्हें ‘स्पाइडरमैन’ के नाम से जाना जाता था, की 120 मीटर गहरे ज्वालामुखी गड्ढे में गिरकर मृत्यु हो गई। बचाव टीमों ने बताया कि उनका शव निकालना बेहद कठिन कार्य था। यह पर्वतारोही सुरक्षा उपकरणों का उपयोग नहीं करते थे, जिसके कारण यह दुर्घटना हुई। स्थानीय लोगों के अनुसार, वे अपनी साहसिक गतिविधियों के लिए प्रसिद्ध थे और अक्सर बिना किसी सुरक्षा के खतरनाक चट्टानों पर चढ़ते थे। उनकी मृत्यु से यमन में शोक की लहर है। बचाव कार्य में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा, क्योंकि गड्ढे की गहराई और दुर्गम इलाके के कारण शव को निकालना मुश्किल था। यह घटना पर्वतारोहण में सुरक्षा उपायों के महत्व पर प्रकाश डालती है।