यमन के सर्वोच्च राजनीतिक परिषद के प्रमुख, महदी अल-मशट ने ईरान की सशस्त्र सेना, विशेष रूप से इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की सराहना की है। उन्होंने कहा कि अमेरिका और इजराइल के आक्रमण के दौरान IRGC के प्रदर्शन ने प्रतिरोध, दृढ़ संकल्प और सैन्य शक्ति का प्रदर्शन किया। अल-मशट ने IRGC को दुनिया भर के मुस्लिम देशों के लिए एक उदाहरण बताया। यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान और इजराइल के बीच तनाव बढ़ रहा है। यमन में चल रहे संघर्ष के संदर्भ में यह प्रशंसा महत्वपूर्ण है, क्योंकि ईरान हूती विद्रोहियों का समर्थन करता रहा है। अल-मशट का यह बयान ईरान की क्षेत्रीय भूमिका और प्रभाव को दर्शाता है।
