यमन में हौथी विद्रोहियों के हमलों में दस लोगों की जान चली गई है, जिससे देश में पूर्ण पैमाने पर गृहयुद्ध वापस लौटने की आशंका बढ़ गई है। संयुक्त राष्ट्र ने इस हिंसा पर गहरी चिंता व्यक्त की है। ये हमले ईरान समर्थित हौथी विद्रोहियों और सऊदी अरब समर्थित सरकारी बलों के बीच 2022 में हुए समझौते को खतरे में डाल रहे हैं। रियाद ने रणनीतिक मारिब प्रांत पर हुए हमलों को "लाल रेखा" बताया है। यह तनाव ईरान के साथ युद्ध की बढ़ती आशंकाओं के बीच सामने आया है। इस घटनाक्रम से यमन में पहले से ही नाजुक मानवीय स्थिति और खराब हो सकती है, जहाँ लाखों लोग संघर्ष और भुखमरी से जूझ रहे हैं। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से तत्काल हस्तक्षेप और शांति बहाल करने के प्रयास करने की अपील की जा रही है।