संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत हन्स ग्रुंडबर्ग ने गुरुवार को चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि यमन 2022 में हुए समझौते के बाद से बड़े पैमाने पर युद्ध में वापस लौटने के सबसे गंभीर खतरे का सामना कर रहा है। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, देश की आधी से ज़्यादा आबादी गंभीर खाद्य असुरक्षा का सामना कर रही है। यह चेतावनी यमन के हौथी समूह और सऊदी-समर्थित सरकार के बीच बढ़ती शत्रुता के बाद आई है, जिससे व्यापक युद्ध और क्षेत्रीय तनाव बढ़ने की आशंका है। ईरान समर्थित हौथी समूह और सरकार के बीच जारी टकराव ने स्थिति को और भी गंभीर बना दिया है। इस स्थिति के कारण देश में मानवीय संकट और गहरा सकता है। संयुक्त राष्ट्र सभी पक्षों से संयम बरतने और शांति वार्ता फिर से शुरू करने का आग्रह कर रहा है। खाद्य असुरक्षा की गंभीर स्थिति के कारण लाखों यमनी लोगों को तत्काल सहायता की आवश्यकता है।

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