सोवियत संघ के महानतम गोलकीपर लेव याशिन का हाल ही में निधन हो गया। याशिन को फुटबॉल इतिहास में ‘ब्लैक स्पाइडर’ के नाम से जाना जाता था। उन्होंने चार विश्व कप में सोवियत संघ का प्रतिनिधित्व किया, जिसमें 1966 में इंग्लैंड में आयोजित विश्व कप में सेमीफाइनल तक पहुंचे। याशिन अपनी असाधारण प्रतिक्रिया गति, एथलेटिक क्षमता और मैदान पर नेतृत्व के लिए प्रसिद्ध थे। उन्हें व्यापक रूप से 20वीं सदी के सर्वश्रेष्ठ गोलकीपरों में से एक माना जाता है। उनकी विरासत आज भी गोलकीपिंग के क्षेत्र में प्रेरणा का स्रोत है। याशिन का योगदान फुटबॉल जगत कभी भुलाया नहीं जा सकेगा।