चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के क्षेत्र में “नए ऐतिहासिक अन्याय” की चेतावनी जारी की है। विश्लेषकों के अनुसार, यह चेतावनी चीन में एक लंबे समय से चले आ रहे घरेलू दृष्टिकोण पर आधारित है, जिसमें पहले के तकनीकी क्रांतियों में पिछड़ने के खतरों को रेखांकित किया गया है। उनका मानना है कि एआई के विकास में पिछड़ने से देश के लिए गंभीर परिणाम हो सकते हैं। शी जिनपिंग का यह बयान चीन की एआई तकनीक में आत्मनिर्भरता हासिल करने और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने की महत्वाकांक्षा को दर्शाता है। यह चेतावनी वैश्विक एआई दौड़ में चीन की बढ़ती सक्रियता और उसके रणनीतिक लक्ष्यों को भी उजागर करती है। यह संकेत देता है कि चीन एआई तकनीक के विकास को राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण मानता है। अब सवाल यह है कि क्या इस अन्याय को रोका जा सकता है।