चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने इक्वाडोर के राष्ट्रपति डैनियल नोबोआ से मुलाकात में लैटिन अमेरिकी देशों की स्वायत्तता का समर्थन करने की बात कही। उन्होंने कहा कि लैटिन अमेरिका और कैरेबियाई देशों को बाहरी हस्तक्षेप के बिना अपने अंतरराष्ट्रीय साझेदार चुनने की स्वतंत्रता होनी चाहिए। यह टिप्पणी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के 2025 में व्हाइट हाउस लौटने के बाद से इस क्षेत्र में अमेरिकी हस्तक्षेप की एक स्पष्ट आलोचना मानी जा रही है। शी जिनपिंग ने जोर देकर कहा कि चीन लैटिन अमेरिका के साथ आपसी हित पर आधारित सहयोग को बढ़ावा देना चाहता है। उन्होंने इस क्षेत्र के देशों को अपनी विकास यात्रा का मार्ग खुद तय करने का अधिकार दिया। यह मुलाकात चीन और लैटिन अमेरिका के बीच बढ़ते संबंधों का संकेत है, जिसमें चीन क्षेत्र में अपनी आर्थिक और राजनीतिक उपस्थिति बढ़ा रहा है। यह स्पष्ट है कि चीन इस क्षेत्र में अमेरिका के प्रभाव को कम करने का प्रयास कर रहा है।