महिला टेनिस संघ (डब्ल्यूटीए) ने अब अपनी टूर में प्रतिस्पर्धा करने वाली सभी खिलाड़ियों के लिए आनुवंशिक लिंग परीक्षण अनिवार्य कर दिया है। यह कदम खेल में निष्पक्षता सुनिश्चित करने और प्रतिस्पर्धा में किसी भी प्रकार की असमानता को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है। डब्ल्यूटीए का कहना है कि यह नियम सभी खिलाड़ियों के लिए समान अवसर प्रदान करेगा। परीक्षण में खिलाड़ियों के आनुवंशिक कोड का विश्लेषण किया जाएगा ताकि यह निर्धारित किया जा सके कि वे जैविक रूप से महिला हैं या नहीं। इस घोषणा के बाद टेनिस जगत में बहस छिड़ गई है, कुछ खिलाड़ियों और विशेषज्ञों ने गोपनीयता और मानवाधिकारों से संबंधित चिंताएं व्यक्त की हैं। डब्ल्यूटीए ने आश्वासन दिया है कि परीक्षण प्रक्रिया गोपनीय और सम्मानजनक होगी। यह नियम तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।