२० जून को बेलग्रेड में आयोजित १९७६ के यूरोपीय चैम्पियनशिप फ़ाइनल की ५०वीं वर्षगांठ मनाई गई। इस मैच में चेकोस्लोवाकिया ने फ़ाइनल पेनल्टी शूटआउट में पश्चिम जर्मनी को हराया था। इस जीत में एंटोनिन पैनेंका के विवादास्पद पेनल्टी किक ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। यदि उस समय वीडियो असिस्टेंट रेफरी (वीएआर) प्रणाली उपलब्ध होती, तो पैनेंका की किक को अवैध घोषित किया जा सकता था। विशेषज्ञों का मानना है कि वीएआर की मौजूदगी से मैच का परिणाम बदल सकता था और पैनेंका का प्रसिद्ध पेनल्टी तरीका इतिहास में दर्ज नहीं होता। यह घटना फुटबॉल इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में याद की जाती है, जहाँ एक विवादास्पद निर्णय ने एक टीम को चैम्पियनशिप दिलाई।
