फीफा के अनुशासनात्मक समिति ने विश्व कप में वीडियो सहायक रेफरी (VAR) शॉन इवांस पर लगे नस्लवादी इशारा करने के आरोपों से मुक्त कर दिया है। रेफरी इवांस का कहना है कि उन्होंने अनजाने में, अवचेतन रूप से ‘ओके’ का इशारा किया था, जिसका कोई नस्लवादी इरादा नहीं था। यह मामला तब सामने आया जब उनके इस इशारे को नस्लवादी प्रतीक के रूप में गलत समझा गया और विवाद उत्पन्न हो गया। जांच के बाद, समिति ने पाया कि कोई दुर्भावनापूर्ण मंशा नहीं थी। इस फैसले से विवाद शांत होने की उम्मीद है, हालांकि यह घटना खेल में इशारों की व्याख्या और संभावित गलतफहमियों पर प्रकाश डालती है। फीफा ने इस मामले में संवेदनशीलता बरतते हुए त्वरित जांच की।
