फीफा के गतिशील मूल्य निर्धारण प्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। ब्लूमबर्ग ओपिनियन में जुआन पाब्लो स्पिनेट्टो के अनुसार, यह प्रणाली निष्पक्ष या पारदर्शी तो नहीं है, लेकिन विश्व कप से मुनाफा बढ़ाने में बेहद कारगर साबित हो रही है। इस प्रणाली के तहत टिकटों की कीमतें मांग के अनुसार बदलती रहती हैं। आलोचकों का कहना है कि इससे आम प्रशंसकों के लिए टिकट खरीदना मुश्किल हो जाता है। हालांकि, फीफा का तर्क है कि यह प्रणाली अधिक से अधिक राजस्व उत्पन्न करने और टूर्नामेंट को सफल बनाने के लिए आवश्यक है। स्पिनेट्टो का विश्लेषण दर्शाता है कि फीफा का मुख्य उद्देश्य लाभ कमाना है, भले ही इससे प्रशंसकों को नुकसान हो। यह प्रणाली पारदर्शिता की कमी के कारण विवादों में भी घिरी हुई है।