राष्ट्रीय बाल नेटवर्क ने सार्वजनिक प्रसारण में जुए से संबंधित विज्ञापनों पर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि फीफा विश्व कप के दौरान इन विज्ञापनों की संख्या में वृद्धि हुई है, जिससे बच्चे जुए के प्रति आकर्षित हो सकते हैं। संगठन का तर्क है कि बच्चों को जुए के उद्योग के संभावित ग्राहकों के रूप में लक्षित नहीं किया जाना चाहिए और उन्हें बिना किसी व्यावसायिक प्रभाव के फुटबॉल का आनंद लेने का अधिकार है। यह स्थिति सार्वजनिक प्रसारण माध्यमों पर जुए के विज्ञापनों के प्रसारण को लेकर बहस को जन्म देती है। नेटवर्क का मानना है कि बच्चों के लिए हानिकारक सामग्री से बचाने के लिए सख्त नियमों की आवश्यकता है। इस मुद्दे पर आगे चर्चा और संभावित नियामक कार्रवाई की उम्मीद है। बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम है।