2026 विश्व कप के शुरुआती दस दिनों में आत्मघाती गोलों की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि देखी गई है। संयुक्त मेजबान अमेरिका को दो मैचों में विपक्षी खिलाड़ियों द्वारा किए गए आत्मघाती गोलों से लाभ हुआ है। टूर्नामेंट में अब तक कुल आठ आत्मघाती गोल हो चुके हैं, जो विश्व कप के इतिहास में दूसरा सबसे अधिक आँकड़ा है। यह स्थिति टूर्नामेंट के रिकॉर्ड को खतरे में डाल रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि खिलाड़ियों पर दबाव और तेज़-तर्रार खेल के कारण ऐसी गलतियाँ हो रही हैं। इस वृद्धि ने टीमों और कोचों के बीच चिंता पैदा कर दी है, जो अब अपने खिलाड़ियों को इस तरह की गलतियों से बचने के लिए अतिरिक्त प्रशिक्षण दे रहे हैं। टूर्नामेंट के आगे के मैचों में इस प्रवृत्ति पर कड़ी नजर रखी जाएगी।
