विश्व कप में रेफ़री के फैसलों पर विवाद बढ़ता जा रहा है। पूर्व रेफ़री उर्स मेयर के अनुसार, रेफ़री खराब मूल्यांकन के डर से दबाव में हैं। कई बार वे बड़े खिलाड़ियों के नाम के आगे झुक जाते हैं और सही निर्णय लेने से हिचकिचाते हैं। इस स्थिति के कारण टूर्नामेंट में रेफ़री की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं। मेयर का कहना है कि रेफ़री अक्सर डर के साये में रहते हैं, जिससे उनके प्रदर्शन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। यह समस्या अब और भी स्पष्ट हो गई है और इस पर ध्यान देना आवश्यक है। रेफ़री को स्वतंत्र रूप से और बिना किसी दबाव के निर्णय लेने की आवश्यकता है।