फुटबॉल में खिलाड़ियों पर बढ़ते दबाव और थकान की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। आगामी विश्व कप में भी इसका असर देखने को मिल सकता है, जिससे मैचों की गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका है। विशेषज्ञों का मानना है कि खिलाड़ियों की शारीरिक और मानसिक सीमाएं लगातार चुनौती दी जा रही हैं, जिसके परिणामस्वरूप खराब प्रदर्शन हो सकता है। अत्यधिक व्यस्त कार्यक्रम और कम आराम के समय के कारण खिलाड़ियों को पूरी तरह से ठीक होने का मौका नहीं मिल पा रहा है। इस स्थिति में, विश्व कप में उच्च स्तर के प्रदर्शन की उम्मीद करना मुश्किल है। प्रशंसक खराब मैचों के लिए तैयार रहें, क्योंकि खिलाड़ियों की थकान का स्तर प्रदर्शन को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकता है। यह समस्या भविष्य में और भी गंभीर हो सकती है, इसलिए इस पर ध्यान देना आवश्यक है।