आगामी विश्व कप में कई प्रमुख टीमों ने विदेशी कोचों पर भरोसा जताया है। ब्राजील ने कार्लो एंसेलोटी को, पुर्तगाल ने रॉबर्टो मार्टिनेज को, बेल्जियम ने रुदिन गार्सिया को, इंग्लैंड ने थॉमस टुचेल को और उरुग्वे ने मार्सेलो Bielsa को अपना कोच नियुक्त किया है। इस प्रवृत्ति से पता चलता है कि विश्व कप में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोचों की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण हो गई है। अर्जेंटीना और फ्रांस के बीच फाइनल मुकाबला इस बात का प्रमाण है कि विभिन्न कोचिंग रणनीतियों का परिणाम कितना महत्वपूर्ण हो सकता है। यह विश्व कप अनुभवी और विदेशी कोचों के प्रभुत्व वाला प्रतीत होता है। टीमों ने अपनी सफलता की संभावनाओं को बढ़ाने के लिए दुनिया भर से सर्वश्रेष्ठ कोचिंग प्रतिभाओं को चुना है।