सीएटल में आयोजित होने वाले ईरान और मिस्र के फीफा विश्व कप मैच को आयोजकों द्वारा ‘प्राइड मैच’ के रूप में प्रचारित किया जा रहा है। फीफा ने इस नामकरण को अधिकृत नहीं किया है, लेकिन इसके बावजूद इस फैसले से विवाद उत्पन्न हो गया है। यह मैच दोनों टीमों के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह ग्रुप स्टेज का हिस्सा है। आयोजकों के इस कदम से कई सवाल खड़े हो रहे हैं, खासकर ईरान और मिस्र जैसे देशों के संदर्भ में, जहाँ समलैंगिकता को लेकर सामाजिक और कानूनी प्रतिबंध हैं। इस विवाद के कारण मैच की तैयारी में अनिश्चितता का माहौल है। आयोजकों ने अभी तक इस मुद्दे पर कोई विस्तृत बयान जारी नहीं किया है। इस मैच पर अब सभी की निगाहें टिकी हुई हैं कि यह विवाद किस दिशा में जाता है।