जर्मनी के पूर्व फुटबॉल खिलाड़ी और ZDF के विशेषज्ञ कमेंटेटर क्रिस्टोफ क्रैमर ने विश्व कप के हाफ़ टाइम में खिलाड़ियों के साथ होने वाले नए इंटरव्यू की तीखी आलोचना की है। उन्होंने इसे ‘विपत्ति’ करार दिया है। वहीं, कोच फ्रिट्ज़ी क्रोम्प ने सामरिक ब्रेक (tactical pauses) की सराहना की है। क्रैमर का मानना है कि हाफ़ टाइम में इंटरव्यू खिलाड़ियों को आराम करने और रणनीति पर ध्यान केंद्रित करने से रोकते हैं। इस नए प्रारूप से खेल की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। कोच क्रोम्प का दृष्टिकोण है कि सामरिक ब्रेक टीम को पुनर्गठन करने और दूसरी हाफ़ के लिए तैयार होने का अवसर प्रदान करते हैं। यह मुद्दा विश्व कप के दौरान बहस का विषय बन गया है, जहाँ कुछ लोग इंटरव्यू को खेल के अनुभव को बेहतर बनाने वाला मानते हैं, जबकि अन्य इसे अनावश्यक व्यवधान मानते हैं।