फीफा वर्ल्ड कप दुनिया भर के करोड़ों दर्शकों और लाखों पर्यटकों को आकर्षित करता है। हालांकि, मेजबान देशों के लिए यह आयोजन वित्तीय रूप से चुनौतीपूर्ण साबित होता है। अधिकांश देशों को आयोजन की लागत उनके प्रत्यक्ष राजस्व की तुलना में बहुत अधिक पड़ती है। बुनियादी ढांचे के निर्माण और स्टेडियमों के रखरखाव पर भारी निवेश करना पड़ता है। प्रत्यक्ष आय अक्सर इन विशाल खर्चों की भरपाई करने में असमर्थ रहती है। परिणामस्वरूप, मेजबान देश अक्सर गंभीर आर्थिक दबाव का सामना करते हैं। यह स्थिति वर्ल्ड कप की भव्यता और उसकी वास्तविक लागत के बीच के अंतर को दर्शाती है।