विश्व कप और गर्मी के मौसम के बावजूद सूअर के मांस की बिक्री में अपेक्षित वृद्धि नहीं हुई है, जिसके कारण किसानों को भारी नुकसान हो रहा है। सूअर के मांस के उत्पादकों की कीमतें गिर रही हैं, जिससे उनकी आय में कमी आई है। किसान अपनी आजीविका के लिए खतरे की आशंका जता रहे हैं। मांग में कमी के कारण बाजार में आपूर्ति अधिक होने से कीमतों में गिरावट आई है। विशेषज्ञों का मानना है कि उपभोक्ता अन्य विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं। यह स्थिति सूअर पालन उद्योग के लिए एक गंभीर चुनौती बन गई है। किसानों ने सरकार से सहायता की मांग की है ताकि वे इस संकट से उबर सकें।
