फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो ने विश्व कप मैचों के दौरान दिए जाने वाले हाइड्रेशन ब्रेक को विशुद्ध रूप से खेल भावना से प्रेरित बताया है, न कि किसी व्यावसायिक उद्देश्य से। हालांकि, आलोचकों का कहना है कि ये ब्रेक मैच की गति को बाधित करते हैं और खेल के मूल स्वरूप को बदल रहे हैं। इन ब्रेकों के दौरान कोच अपनी टीमों को रणनीति बदलने के लिए निर्देश भी दे सकते हैं, जिससे खेल में एक नया आयाम जुड़ गया है। आलोचकों का मानना है कि यह बदलाव खेल की निरंतरता को नकारात्मक रूप से प्रभावित करता है। इन्फेंटिनो के इस बयान के बाद बहस छिड़ गई है कि क्या खिलाड़ियों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना खेल के पारंपरिक नियमों से ऊपर है। इस मुद्दे पर फुटबॉल जगत में अलग-अलग राय देखने को मिल रही है। यह देखना दिलचस्प होगा कि भविष्य में इन ब्रेकों को लेकर क्या निर्णय लिया जाता है।