जर्मन फुटबॉल विशेषज्ञ क्रिस्टोफ क्रैमर ने आगामी विश्व कप 2026 में हाफ-टाइम इंटरव्यू को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। ZDF पर एक चर्चा के दौरान, उन्होंने इन इंटरव्यू को "विनाशकारी" बताया और इस पर अपनी गहरी नाखुशी जाहिर की। क्रैमर, जो स्वयं एक विश्व कप विजेता हैं, का मानना है कि मैच के बीच में खिलाड़ियों का इंटरव्यू लेना उचित नहीं है। उनका तर्क है कि इससे खिलाड़ियों पर अनावश्यक दबाव पड़ता है और खेल की गति बाधित होती है। उन्होंने इस प्रथा को पूरी तरह से समाप्त करने की वकालत की है। क्रैमर की यह टिप्पणी फुटबॉल जगत में बहस का विषय बन गई है, क्योंकि कई लोग उनकी राय से सहमत हैं, वहीं कुछ लोग इसे खिलाड़ियों के साथ संवाद का एक महत्वपूर्ण तरीका मानते हैं। इस मुद्दे पर आगे चर्चा होने की संभावना है।
