विश्व कप फुटबॉल में क्लब स्तर के खेल से भिन्नता देखी जा रही है। कई टीमें अब मैन-टू-मैन मार्किंग पर निर्भर नहीं हैं, और अधिक निष्क्रिय रक्षात्मक रणनीति अपना रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यही बदलाव मैचों में गोलों की संख्या में आश्चर्यजनक वृद्धि का मुख्य कारण है। पारंपरिक रूप से आक्रामक खेल खेलने वाली टीमें भी अब रक्षात्मक रूप से अधिक सतर्क दिखाई दे रही हैं। इस बदलाव के पीछे टीमों का उद्देश्य शायद विरोधियों को काउंटर अटैक करने का मौका कम देना है। हालांकि, इसका परिणाम यह हुआ है कि मैदान में अधिक जगह बन रही है, जिससे आक्रमण करने वाली टीमों को गोल करने के अधिक अवसर मिल रहे हैं। यह प्रवृत्ति भविष्य में विश्व कप मैचों में और भी अधिक स्पष्ट हो सकती है।