फीफा वर्ल्ड कप 2026 के दौरान मैचों में 'कूलिंग ब्रेक' के प्रावधान को लागू किया गया है। यह एक संक्षिप्त अंतराल होता है जिसमें खिलाड़ियों को हाइड्रेशन और आराम के लिए समय दिया जाता है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य प्रतिकूल और अत्यधिक मौसम की स्थितियों में खिलाड़ियों के स्वास्थ्य की रक्षा करना है। आमतौर पर यह ब्रेक तीन मिनट का होता है, जिससे खिलाड़ी पानी पी सकें और खुद को तरोताजा कर सकें। भीषण गर्मी और उमस के कारण मैदान पर शारीरिक तनाव बढ़ जाता है, जिसे कम करने के लिए यह कदम उठाया गया है। यह नियम खेल की गुणवत्ता बनाए रखने और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याओं से बचने में मदद करता है। इस प्रकार, कूलिंग ब्रेक खिलाड़ियों की सुरक्षा और प्रदर्शन के बीच संतुलन बनाने का एक प्रयास है।