आगामी विश्व कप 2026 में पहली बार ‘कूलिंग ब्रेक’ लागू किए जाएंगे। ये ब्रेक खिलाड़ियों को भीषण गर्मी से बचाने के उद्देश्य से लाए गए हैं। हालांकि, इन ब्रेकों का एक व्यावसायिक पहलू भी है। सूत्रों के अनुसार, ये ब्रेक टेलीविजन चैनलों और विज्ञापनदाताओं के लिए राजस्व का एक नया स्रोत खोलेंगे। प्रसारणकर्ता इन अतिरिक्त मिनटों में विज्ञापन दिखा कर कमाई कर सकेंगे। इससे टूर्नामेंट के दौरान विज्ञापन की दरें बढ़ने की संभावना है। इस कदम से खिलाड़ियों के स्वास्थ्य और खेल के व्यावसायीकरण के बीच संतुलन बनाने की चुनौती उत्पन्न हो सकती है।