अधिकांश राज्य और क्षेत्र सरकारें नौ खतरनाक रसायनों के लिए कार्यस्थलों पर सुरक्षित एक्सपोजर सीमाएं बढ़ाने के नियमों को लागू करने में देरी कर रही हैं। इन रसायनों को ‘साइलेंट किलर’ भी कहा जाता है क्योंकि इनके हानिकारक प्रभाव धीरे-धीरे सामने आते हैं। विशेषज्ञों ने इन सीमाओं को सख्त करने की सलाह दी थी ताकि श्रमिकों के स्वास्थ्य को बेहतर ढंग से सुरक्षित किया जा सके। हालांकि, सरकारों ने अभी तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। इस देरी से श्रमिकों के स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने की आशंका है। अधिकारियों का कहना है कि वे विभिन्न हितधारकों के साथ विचार-विमर्श कर रहे हैं और जल्द ही निर्णय लिया जाएगा। इस मामले में पारदर्शिता और त्वरित कार्रवाई की आवश्यकता है।
