अगले महीने से, दूसरे दौर के मतदान में भाग लेने वाले कर्मचारियों को लाभ मिलना शुरू हो जाएगा। यह लाभ सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों के कर्मचारियों के लिए लागू होगा। इसका उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया में भागीदारी के लिए कर्मचारियों द्वारा दिए गए समय को मान्यता देना है। सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि मतदान के लिए छुट्टी लेने पर कर्मचारियों के वेतन में कोई कटौती नहीं होगी। यह कदम नागरिक भागीदारी को बढ़ावा देने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने की दिशा में उठाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि यह लाभ कर्मचारियों को अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए प्रोत्साहित करेगा। इस पहल से मतदान प्रतिशत में वृद्धि होने की उम्मीद है।