जोहाना फ्रैन्डन के अनुसार, उत्तरी अमेरिका में आयोजित विश्व कप ने फुटबॉल में एक महत्वपूर्ण बदलाव लाया है। इस टूर्नामेंट ने खेल में नई ऊर्जा का संचार किया है और प्रशंसकों का उत्साह बढ़ाया है। विशेष रूप से, यह आयोजन फुटबॉल कोचों के लिए एक ‘पुनर्जागरण’ के रूप में उभर रहा है। कई कोच अब राष्ट्रीय टीमों के मुख्य प्रशिक्षक बनने के लिए उत्सुक हैं। ऐसा लग रहा है कि इस विश्व कप ने कोचों की भूमिका और महत्व को फिर से स्थापित कर दिया है। फुटबॉल जगत में अब कोचों की मांग बढ़ रही है और यह उनके करियर के लिए एक सुनहरा अवसर है।