अमेरिका के टेनेसी राज्य में एक महिला, क्रिस्टा पाइक, पर घातक इंजेक्शन लगाने के लगभग एक सप्ताह बाद होश में आ गई है। उनके वकील बताते हैं कि उनकी सेहत में सुधार अभूतपूर्व है। पाइक को मौत की सजा सुनाई गई थी, लेकिन दो खुराक पेंटोबार्बिटल देने के बाद भी वह जीवित रही। यह मामला अमेरिकी न्याय प्रणाली और घातक इंजेक्शन की प्रभावशीलता पर सवाल उठाता है। चिकित्सा विशेषज्ञों ने इस घटना को असाधारण बताया है, क्योंकि इस तरह का मामला पहले कभी सामने नहीं आया। पाइक के वकील मामले की आगे की जांच की मांग कर रहे हैं। यह घटना टेनेसी राज्य में मौत की सजा के कार्यान्वयन प्रक्रियाओं पर भी बहस छेड़ सकती है।