चेक गणराज्य की 2023 में विंबलडन जीतने वाली मार्केटा वोंड्रोशोवा को डोपिंग जांच में सहयोग न करने के कारण चार साल का प्रतिबंध लगाया गया है। वोंड्रोशोवा ने दावा किया कि वह गंभीर चिंता से जूझ रही थीं और उन्हें यकीन नहीं था कि यह वास्तव में डोपिंग नियंत्रण है। इसी तनाव में, उन्होंने परीक्षण से इनकार करने वाले दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर कर दिए। इस मामले में, उनके एजेंट की बातों ने भी उनकी मुश्किलें बढ़ा दीं और उन्हें भारी जुर्माना भरना पड़ा। अदालत के फैसले से पता चलता है कि उनके कृत्य की गंभीरता को देखते हुए यह सजा क्यों दी गई है। यह घटना खेल में डोपिंग नियमों के पालन के महत्व को दर्शाती है। प्रतिबंध के कारण वोंड्रोशोवा का करियर फिलहाल अनिश्चित हो गया है।