कनाडा में किए गए एक नए अध्ययन से पता चला है कि जंगल की आग के धुएं के कारण माइग्रेन से संबंधित अस्पताल जाने की संख्या में छह प्रतिशत की वृद्धि हुई है। यह शोध स्वास्थ्य कनाडा द्वारा किया गया है और यह दर्शाता है कि धुएं से भरे वातावरण के दौरान गंभीर सिरदर्द होने का खतरा बढ़ जाता है। अध्ययन में पाया गया कि जंगल की आग से निकलने वाले सूक्ष्म कणों और सिरदर्द के बीच एक स्पष्ट संबंध है, जिसके परिणामस्वरूप आपातकालीन देखभाल की आवश्यकता होती है। शोधकर्ताओं का मानना है कि वायु प्रदूषण के कारण माइग्रेन के दौरे शुरू हो सकते हैं। इस खोज के कारण सार्वजनिक स्वास्थ्य अधिकारियों ने धुएं के संपर्क में आने वाले लोगों को सावधानी बरतने और अपने स्वास्थ्य की निगरानी करने की सलाह दी है। यह अध्ययन उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण है जो माइग्रेन से पीड़ित हैं और उन क्षेत्रों में रहते हैं जहां जंगल की आग लगने का खतरा होता है।