वैज्ञानिकों ने यह जानने के लिए शोध किया कि लोग भविष्य के बारे में कल्पना क्यों करते हैं और योजनाएँ क्यों बनाते हैं। ज़्यादातर लोग, खासकर सोने से पहले, भविष्य के रोमांचक और डरावने परिदृश्यों की कल्पना करते हैं। यह मस्तिष्क की एक स्वाभाविक प्रवृत्ति है जो हमें संभावित परिणामों के लिए तैयार करती है। भविष्य की कल्पना करने से हम समस्याओं का समाधान खोज पाते हैं और बेहतर निर्णय ले पाते हैं। शोध से पता चलता है कि मस्तिष्क ‘समय यात्रा’ करने में आनंद लेता है, क्योंकि यह हमें संभावित भविष्य का अनुभव करने की अनुमति देता है। यह प्रक्रिया हमें वर्तमान में अधिक जागरूक और केंद्रित रहने में भी मदद करती है।