विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, कांगो में इबोला का प्रकोप सार्वजनिक रूप से ज्ञात होने से कई महीने पहले ही शुरू हो गया था। यह जानकारी हाल ही में सामने आई है। डब्ल्यूएचओ का अनुमान है कि यह प्रकोप फरवरी महीने में ही शुरू हो गया था, हालांकि इसे तब पहचाना नहीं जा सका था। प्रकोप की शुरुआत में पहचान न होने के कारण, यह और भी व्यापक रूप से फैलने का जोखिम बढ़ गया। डब्ल्यूएचओ इस स्थिति पर कड़ी निगरानी रख रहा है और प्रकोप को नियंत्रित करने के लिए काम कर रहा है। यह जानकारी प्रकोप से निपटने के प्रयासों को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। शुरुआती पहचान और त्वरित प्रतिक्रिया भविष्य में महत्वपूर्ण होगी।