विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के निदेशक पर राजनीतिक तौर-तरीके अपनाने के आरोप लगे हैं। आलोचकों का कहना है कि वे स्वास्थ्य विशेषज्ञ के बजाय एक राजनेता की तरह व्यवहार कर रहे हैं। इस व्यवहार से संगठन की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लग गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि WHO को तकनीकी और वैज्ञानिक आधार पर निर्णय लेने चाहिए, न कि राजनीतिक दबाव में। इस स्थिति से वैश्विक स्वास्थ्य चुनौतियों का सामना करने में संगठन की क्षमता प्रभावित हो सकती है। WHO के इस रवैये पर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर चिंता व्यक्त की जा रही है और सुधारों की मांग उठ रही है। संगठन के भीतर भी इस मुद्दे पर बहस छिड़ गई है।