अमेरिका ने ईरान के साथ अंतिम परमाणु समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए कई शर्तें रखी हैं। व्हाइट हाउस का कहना है कि तेहरान को आर्थिक लाभ तभी मिलेंगे जब वह अपने परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह से बंद कर देगा। इसके अतिरिक्त, अमेरिका चाहता है कि ईरान लेबनान के हिज़्बुल्लाह, हमास और यमन के हौथियों को वित्तीय सहायता देना बंद कर दे। ये तीनों समूह इज़राइल के घोषित दुश्मन हैं। अमेरिकी प्रशासन का मानना है कि ईरान की ओर से इन समूहों को मिलने वाली फंडिंग क्षेत्रीय अस्थिरता को बढ़ाती है। यह समझौता इज़राइल की सुरक्षा को लेकर अमेरिका की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। ईरान ने अभी तक इन शर्तों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।