कई क्षेत्रों में, अत्यधिक नमी के कारण गेहूं की समय पर बुवाई नहीं हो सकी। किसानों को शुरुआती बुवाई की तिथियों को छोड़ना पड़ा और मध्यवर्ती तथा देर से बुवाई पर ध्यान केंद्रित करना पड़ा। मिट्टी में नमी की अधिकता के कारण बीज अंकुरित होने में समस्या आ रही है। यह स्थिति फसल के उत्पादन पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है। किसान अब मौसम के अनुकूल बुवाई की रणनीति अपना रहे हैं। कृषि विशेषज्ञ स्थिति पर नजर रख रहे हैं और किसानों को सलाह दे रहे हैं। इससे गेहूं उत्पादन में संभावित कमी की आशंका है।