पश्चिमी यूरोप ने इस गर्मी-जुलाई में अब तक का सबसे गर्म तापमान दर्ज किया है। फ़िनलैंड में, हालांकि, तापमान सामान्य रहा। वैज्ञानिक मानते हैं कि यह स्थिति एल नीनो की वजह से उत्पन्न हुई है, जो आमतौर पर इस तरह का बदलाव लाता है। एल नीनो की वजह से पश्चिमी यूरोप में गर्मी बढ़ जाती है जबकि फ़िनलैंड जैसे उत्तरी क्षेत्रों में तापमान सामान्य रहता है। यह घटना जलवायु परिवर्तन के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि चरम मौसम की घटनाओं की आवृत्ति बढ़ रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि भविष्य में इस तरह की परिस्थितियाँ और भी आम हो सकती हैं। वैश्विक तापमान पर एल नीनो का प्रभाव महत्वपूर्ण है और इस पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

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