पश्चिम सुमात्रा और जाम्बी के कर महानिदेशालय (DJP) ने 70.2 बिलियन रुपये के कर बकाया वाले करदाताओं के खातों पर से प्रतिबंध हटाने के लिए तीन चरणों की घोषणा की है। यह प्रक्रिया करदाताओं को अपनी बकाया राशि का निपटान करने और वित्तीय लेनदेन फिर से शुरू करने की अनुमति देगी। पहले चरण में, करदाता बकाया राशि की गणना और सत्यापन करेंगे। दूसरे चरण में, वे भुगतान योजना पर बातचीत करेंगे। अंतिम चरण में, भुगतान के सत्यापन के बाद खातों से प्रतिबंध हटा दिया जाएगा। DJP का उद्देश्य कर अनुपालन को प्रोत्साहित करना और कर राजस्व संग्रह में सुधार करना है। यह पहल करदाताओं को अपनी वित्तीय स्थिति को ठीक करने और कानूनी जटिलताओं से बचने का अवसर प्रदान करती है। यह कदम सुमात्रा क्षेत्र में कर व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।