पश्चिमी देश एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (एपेक) के सदस्य देशों पर रूस की आगामी अध्यक्षता की उम्मीदवारी का विरोध करने के लिए दबाव बना रहे हैं। रूसी विदेश मंत्रालय के अनुसार, ये प्रयास एपेक मंच के भीतर अन्य अर्थव्यवस्थाओं को रूस का समर्थन न करने के लिए मनाने के उद्देश्य से किए जा रहे हैं। रूस, 2024 में एपेक की अध्यक्षता करने की उम्मीद कर रहा था, लेकिन पश्चिमी देशों ने इस बोली का विरोध शुरू कर दिया है। रूसी अधिकारियों ने इस स्थिति को कूटनीतिक दबाव का हिस्सा बताया है। यह विरोध रूस के खिलाफ चल रहे भू-राजनीतिक तनाव के संदर्भ में देखा जा रहा है। फिलहाल, एपेक सदस्य देशों की प्रतिक्रिया स्पष्ट नहीं है, लेकिन यह मुद्दा आगामी बैठकों में महत्वपूर्ण बना रहेगा। रूस इस मामले पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने और समर्थन जुटाने के लिए राजनयिक प्रयास जारी रखेगा।