पश्चिमी पापुआ की एक प्रमुख आदिवासी नेता हाल ही में एक वृत्तचित्र में इंडोनेशिया सरकार की एक योजना की आलोचना करते हुए नज़र आई थीं। इसके बाद उन्होंने अपना रुख बदला और सरकार का समर्थन करने लगीं। इसके तुरंत बाद वह लापता हो गईं हैं। उनके परिवार को आशंका है कि उनके साथ कुछ गलत हुआ है। फिलहाल, उनके लापता होने की परिस्थितियों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। स्थानीय अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है, लेकिन अभी तक कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई है। यह घटना इंडोनेशिया के पापुआ क्षेत्र में मानवाधिकारों और राजनीतिक स्वतंत्रता से जुड़े मुद्दों पर प्रकाश डालती है। लापता नेता का समर्थन में बदलाव और उसके बाद का गायब होना कई सवाल खड़े करता है।