पश्चिम जावा की प्रांतीय विधायिका ने गुरुवार को प्रांत का नाम बदलकर ‘ततार सुंडा’ रखने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। यह निर्णय सुंडा समुदाय की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान को मजबूत करने के उद्देश्य से लिया गया है। ‘ततार सुंडा’ नाम का अर्थ है ‘सुंडा भूमि’ और यह क्षेत्र के लोगों के लिए गौरव का प्रतीक माना जाता है। इस प्रस्ताव पर लंबे समय से बहस चल रही थी, जिसमें स्थानीय इतिहास और संस्कृति के विशेषज्ञों ने भी भाग लिया। विधायिका का मानना है कि यह नाम परिवर्तन प्रांत की विशिष्ट पहचान को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देगा। अब इस प्रस्ताव को आगे की मंजूरी के लिए केंद्रीय सरकार को भेजा जाएगा। माना जा रहा है कि इस नाम परिवर्तन से पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।